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चार महीनो के लिए शनि वक्री ये होगा बारह राशियों पर प्रभाव

ज्योतिष में वैसे तो नौ ग्रहों का अपना अलग अलग महत्व है और प्रत्येक ग्रह हमारे जीवन के कुछ विशेष पक्षों को नियंत्रित करता है परंतु ज्योतिष में भी जिस एक ग्रह का सर्वाधिक महत्व है वह है "शनि"... शनि को ज्योतिष में कर्म, आजीविका, जनता, सेवक, नौकरी, परिश्रम, तकनीक, तकनीकी कार्य, मशीनों आदिका कारक माना गया है तो हमारे जीवन में इन विशेष पक्षों को नियंत्रित करने के कारण तो शनि का महत्व है ही पर विशेष रूप से ज्योतिष में शनि का जो विशेष महत्व है उसके पीछे है शनि का किसी भी एक राशि में इसका अवधि काल अन्य ग्रहों की तुलना में किसी भी राशि में शनि का गोचर सबसे अधिक समय (ढाई वर्ष) के लिए होता है और इसी कारण हमारे जीवन में घटने वाली घटनाओं तथा प्राकृतिक और राष्ट्रिय अंतर्राष्ट्रीय उठा पटक में भी ज्योतिषीय दृढती से शनि के गोचरीय संचार की ही सर्वाधिक भूमिका होती है

वर्तमान समय में शनि का धनु राशि में संचार चल रहा है जिससे वृश्चिक धनु और मकर राशि पर साढ़ेसाती तथा वृष और कन्या राशि पर लघु कल्याणी ढैय्या चल रही है... वैसे तो अभी जनवरी 2020 तक शनि का संचार धनु राशि में ही रहेगा...पर 18 अप्रैल को शनि वक्री हो रहा है और 6 सितम्बर 2018 तक शनि का धनु राशि में रहते हुए वक्री स्थिति में ही संचार होगा जो ज्योतिषीय दृष्टि से एक बहुत महत्वपूर्ण घटना है, ज्योतिषीय गणनाओं में वक्री ग्रह की बहुत प्रकार से व्याख्या की गयी है परन्तु असल में कोई भी ग्रह वक्री होने पर जिस राशि में होता है उससे पिछली राशि की और वापस बढ़ने लगता है जिससे वक्री होने तक ग्रह एक प्रकार से पिछली राशि में होने के फल भी देता है... इसका तात्पर्य यह है के अब १८ अप्रैल से शनि के वृश्चिक राशि में होने के फल भी सभी राशियों को अलग अलग प्रकार से मिलेंगे

18 अप्रैल से शनि का वक्री होने से सभी बारह राशियों पर भी इसका अलग अलग प्रकार से प्रभाव पड़ेगा -

मेष राशि - संघर्षकारी है, स्वास्थ समस्याएं बढ़ेंगी कार्यों में संघर्ष बढ़ेगा बाधाओं के बाद कार्य होंगे।

वृष राशि - पिछले लम्बे समय से चल रहा संघर्ष कम होगा चल रही स्वास्थ समस्याएं कम होंगी, पर वैवाहिक जीवन में तनाव संभव है आर्ग्युमेंट्स से बचें।

मिथुन राशि - सकारात्मक है उत्साह और पराक्रम बढ़ेगा, चल रहे मानसिक तनाव में कमी आएगी, विरोधियों पर विजय मिलेगी।

कर्क राशि - मानसिक तनाव बढ़ेगा, संतान के साथ आर्ग्युमेंट्स और विवाद हो सकते हैं अतः अपने व्यव्हार पर नियंत्रण रखें।

सिंह राशि - संघर्षकारी है, पारिवारिक विवाद और गृह क्लेश बढ़ेंगे, कार्यों में संघर्ष उत्पन होगा बाधाओं के बाद कार्य होंगे अतः विवादों से बचने का प्रयास करें।

कन्या राशि - शुभ है चल रहा संघर्ष कम होगा, पारिवारिक विवादों और गृहक्लेश में कमी आएगी, उत्साह बढ़ेगा।

तुला राशि - मध्यम है पर कार्यों में बाधाएं उत्पन्न होंगी और अधिक परिश्रम के बाद कार्य पूरे होंगे आर्थिक पक्ष से जुडी कुछ समस्याएं भी रहेंगी।

वृश्चिक - मानसिक तनाव बढ़ेगा, संघर्ष की वृद्धि होगी कार्यों में अड़चने आएँगी और संघर्ष के बाद ही काम पूरे होंगे, स्वास्थ में उतार चढ़ाव भी संभव है।

धनु राशि - चल रहे अधिक मानसिक तनाव में तो कुछ कमी आएगी परन्तु जीवन में संघर्ष अभी भी बना रहेगा विशेष रूप से धन खर्च बढ़ेगा।

मकर राशि - सकारात्मक है पिछले कुछ समय से चल रहा संघर्ष कम होगा, बढ़ रहे धन खर्च में कमी आएगी और किये गए प्रयास सफल रहेंगे।

कुम्भ राशि - मध्यम है, करियर में अच्छे परिवर्तन होंगे पर अपने कार्यों की सफलता के लिए परिश्रम अधिक करना पड़ेगा।

मीन राशि - मानसिक तनाव बढ़ेगा, भाग्य में संघर्ष बढ़ेगा और कार्यों में अड़चने आएँगी अपने कार्यों की सफलता के लिए निरंतर प्रयास और अधिक परिश्रम करना होगा।

शनि के चार महीने वक्री रहने से उत्पन्न संघर्ष से बचने के लिए ये उपाय करें -

1. ॐ शम शनैश्चराय नमः का जप करें

2. शनिवार संध्याकाल में पीपल पर सरसों के तेल का दिया जलाएं।

3. प्रत्येक शनिवार को साबुत उड़द गरीब व्यक्ति को दान करें।

4. प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें

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