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18 अप्रैल को अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया का दिन धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण में बहुत महत्वपूर्ण मना गया है हिन्दु पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीय के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक दृष्टि से इसी दिन से त्रेता युग का आरम्भ हुआ था, भगवान परशुराम का अवतार भी इसी दिन हुआ था। अक्षय तृतीया के दिन ही श्री बद्रीनाथ धाम में मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। इस दिन गंगा स्नान का बड़ा महत्व है और विशेष रूप से इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है

अक्षय तृतीया का महत्व-

अक्षय तृतीया का पर्व बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। यह दिन सौभाग्य और सम्पन्नता का सूचक होता है इसमें विशेष बात यह है के अक्षय तृतीया को स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना गया है, इस दिन किसी भी कार्य को करने के लिए पंचांग देखने या मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती। अपने नाम के अनुरूप ही इस दिन किये गये कार्य का कभी क्षय नहीं होता इसी लिए शुभ और मंगल कार्यों के लिये अक्षय तृतीय का दिन बहुत शुभ है। इस दिन विवाह कार्य जैसे - रिस्ता रोकना ,वाग्दान संस्कार ,विवाह संस्कार आदि किया जा सकता है इसके आलावा व्यापार आरम्भ, नींव पूजन, गृह प्रवेश, ऑफिस ओपनिंग, वाहन खरीदना, जॉब ज्वाइन करना, बिज़नेस डील करना, कोई नयी वस्तु खरीदना आदि कार्य किये जा सकते हैं। परम्परा के अनुसार “अक्षय तृतीया के दिन स्वर्ण अर्थात सोना खरीदना शुभ माना गया है” इससे घर में समृद्धि बढ़ती है परन्तु यदि आप सोना खरीद पाने में सक्षम नहीं हैं तो अन्य किसी नयी वस्तु की खरीददारी कर सकते हैं जैसे - बर्तन, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक आईटम, सजावटी वस्तुयें आदि। इस दिन किया गया कार्य अक्षय रहता है इसी लिए अक्षय तृतीय के दिन दान-पुण्य का भी बहुत महत्व है अतः इस दिन अपनी सामर्थय के अनुरूप गरीब व्यक्तियों, ब्राह्मणो और धार्मिक स्थलों में दान अवश्य करना चाहिए

इस बार विशेष - इस बार अक्षय तृतीया 18 अप्रैल बुधवार के दिन पड़ रही है वैसे तो अक्षय तृतीया का दिन विशेष और शुभ होता ही है और इस दिन किये गए शुभ मंगल कार्य जीवन में सफलता और समृद्धि बढ़ाने वाले होते हैं इसी लिए इस दिन नयी वस्तुओं आभूषणों की खरीददारी करना और मंगल कार्यों को करना शुभ माना गया है पर इस बार अक्षय तृतीया पर विशेष शुभ बातये है के 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन चन्द्रमाँ अपनी उच्च राशि वृष में रहेगा जिससे इस बार अक्षय तृतीया का महत्त्व और भी बढ़ गया है... ज्योतिषीय दृष्टि से चन्द्रमाँ को ही तत्कालिक कार्यों की सिद्धि और सफलता का ग्रह माना गया है इसलिए किसी भी कार्य की सफलता के लिए उस समय में चन्द्रमाँ की अच्छी स्थिति बहुत महत्वपूर्ण होती है और इस बार चन्द्रमाँ का उच्च राशि में होना नए कार्यों की शुरुआत के लिए बहुत शुभ संयोग है।

ये बहुत ही विशेष बात है के इस बार अक्षय तृतीया पर चन्द्रमाँ शुक्र की राशि में रहेगा और शुक्र धन समृद्धि और ऐश्वर्य का ग्रह है इसलिए इस बार अक्षय तृतीया पर चन्द्रमाँ का शुक्र की राशि में होना धन समृद्धि और ऐश्वर्यदायक योग है इसलिए इस बार अक्षय तृतीया पर की गयी खरीददारी और नए कार्यों की शुरुआत बहुत शुभ परिणाम देने वाली होगी

18 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर खरीददारी के शुभ मुहूर्त -

वैसे तो अक्षय तृतीया का पूरा दिन हुई शुभ होता है पर इसमें भी नयी वस्तुओं की खरीदारी के लिए स्थिर लग्न के ये मुहूर्त विशेष शुभ हैं -

सुबह 7:19 से 9:15

दोपहर 1 :48 से 4:6

रात्रि - 8 : 42 से 11

अक्षय तृतीया के दिन दोपहर 12 से 1:30 बजे के बीच राहुकाल रहेगा इस समय खरीददारी न करें

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