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जानिए शनि की साढ़ेसाती कब देती है शुभ परिणाम

शनि की साढ़ेसाती ज्योतिष का सर्वाधिक चर्चित विषय है जिसे लेकर सभी व्यक्तियों के मन में जिज्ञासा भी रहती है और भय भी साढ़ेसाती की गणना के बारे में जैसा के सब जानते ही हैं जब गोचरवश शनि हमारी "जन्म राशि" से बारहवीं राशि में आता है तो साढ़ेसाती आरम्भ हो जाती है साढ़ेसाती के दौरान शनि ढाई साल हमारी राशि से बारहवीं राशि में ढाई साल हमारी राशि में और ढाई साल हमारी राशि से अगली राशि में गोचर करता है इस तरह साडेसात साल पूरे होते हैं....... साढ़ेसाती के परिणाम को समान्यतः देखें तो जब किसी व्यक्ति के जीवन में साढ़ेसाती का प्रेवेश होता है तो संघर्ष बढ़ने लगता है कार्यों में बाधायें आने लगती हैं व्यक्ति को बहुत कठिन परिश्रम करना पड़ता है जीवन में उतार-चढाव बहुत बढ़ जाते हैं और साढ़ेसाती के दौरान उत्पन्न होने वाली ऐसी परिस्थितयां व्यावहारिक रूप से वास्तव में उत्पन्न भी होती ही हैं जैसा के हम अधिकांशतः लोगों के साथ देखते भी हैं...................पर अब यहाँ विशेष बात यह है के साढ़ेसाती हमेशा और प्रत्येक परिस्थिति में बुरा ही फल करे या साढ़ेसाती के अंतर्गत तीनो ढैय्या एक समान ही फल करें ऐसा आवश्यक नहीं हैं वास्तव में शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव हमारी कुंडली की जन्मकालीन ग्रहस्थिति पर बहुत अधिक निर्भर करता है और प्रत्येक व्यक्ति की जन्मकालीन ग्रहस्थिति भिन्न भिन्न होने से साढ़ेसाती का प्रभाव सभी के लिए कुछ न कुछ प्रकार से भिन्न होता है जैसा के हम अधिकांशतः देखते हैं के साढ़ेसाती के दौरान व्यक्ति के जीवन में संघर्ष और बाधाएं बढ़ती है पर कुछ विशेष स्थितियों में साढ़ेसाती के दौरान बहुत शुभ फल भी प्राप्त होते हैं और शनि की साढ़ेसाती व्यक्ति को बहुत उच्च सफलता भी प्रदान करती है। .............................
किसी भी व्यक्ति पर चल रही साढ़ेसाती के दौरान यदि गोचर का शनि (तत्कालिक शनि) व्यक्ति की कुंडली में स्थित जन्मकालीन शनि पर गोचर करे अर्थात व्यक्ति की जन्म कुंडली में शनि जिस राशि में स्थित है उस राशि में साढ़ेसाती के दौरान का शनि आये तो ऐसे में शनि की साढ़ेसाती बहुत शुभ परिणाम देती है इसके अलावा साढ़ेसाती के दौरान यदि तत्कालिक शनि व्यक्ति की कुंडली में स्थित अपने मित्र ग्रहों (बुध, शुक्र) पर गोचर करता है तो भी साढ़ेसाती के दौरान अच्छे परिणाम मिलते हैं इसके अतिरिक्त जन्मकुंडली में बृहस्पति जिस राशि में स्थित है उस राशि में यदि साढ़ेसाती के दौरान शनि आता है तो भी साढ़ेसाती का वह समय व्यक्ति को बहुत शुभ परिणाम देता है तो निष्कर्षतः यदि किसी व्यक्ति पर साढ़ेसाती चल रही है और साढ़ेसाती के दौरान तत्कालिक शनि उस राशि में चल रहा हो जिस राशि में व्यक्ति की कुंडली में शनि, शुक्र, बुध या बृहस्पति स्थित है तो ऐसे में साढ़ेसाती होते हुए भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और सफलता प्राप्त होती है............

साढ़ेसाती के दौरान जब तत्कालिक शनि व्यक्ति के जन्मकालिक शनि पर गोचर करता है या व्यक्ति की कुंडली में स्थित शनि से सातवीं राशि में जब तत्कालिक शनि आता है तो ऐसे में साढ़ेसाती होते हुए भी व्यक्ति को अपने करियर या आजीविका में उन्नति और अच्छी सफलता मिलती है....... इसी प्रकार जब कुंडली में स्थित जन्मकालिक बृहस्पति वाली राशि में तत्कालिक शनि आता है तो ऐसे में भी साढ़ेसाती होते हुए भी व्यक्ति की आजीविका में उन्नति होती है.............साढ़ेसाती के दौरान यदि तत्कालिक शनि व्यक्ति कुंडली में स्थित जन्मकालिक शुक्र पर गोचर करे तो ऐसे में साढ़ेसाती बहुत शुभ फल करती है और व्यक्ति के जीवन में भौतिक संसाधन और समृद्धि बढ़ती है…….
तो किसी भी व्यक्ति पर चल रही शनि की साढ़ेसाती के पूरे साढ़ेसात साल बुरा या एक जैसा ही परिणाम देंगे ऐसा आवश्यक नहीं है साढ़ेसाती का परिणाम जन्मकालीन ग्रहस्थिति के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति के लिए कुछ न कुछ प्रकार भिन्न होता है और साढ़ेसाती के दौरान तत्कालिक शनि हमारी जन्मकुंडली में स्थित किसी जन्मकालीन ग्रह पर तो गोचर नहींकर रहा है यह देखना बहुत आवश्यक होता है जो उस समय में व्यक्ति के लिए साढ़ेसाती के परिणाम को निश्चित करता है और जैसा हम यहाँ बता ही चुके हैं साढ़ेसाती के अंतर्गत पड़ने वाली तीनो ढैय्या में से जिस भी ढैय्या में शनि हमारी कुंडली में स्थित जन्मकालिक शनि शुक्र बुध और बृहस्पति पर गोचर करता है तो ऐसे में साढ़ेसाती का वो भाग व्यक्ति को बहुत शुभ परिणाम देता है

।।श्री हनुमते नमः।।

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