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26 दिसम्बर को होगा इस साल का सबसे बड़ा सूर्यग्रहण

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार सूर्य-ग्रहण की स्थिति हमेशा केवल अमावस्या तिथि को ही बनती है जब सूर्य और चन्द्रमाँ एक साथ एक ही राशि में होते हैं। समान्य रूप से तो ग्रहण को एक अशुभ समयकाल माना ही गया है जिससे संसार में हर प्रकार से उठा-पटक और संघर्ष बढ़ता है पर सूर्य को जगत की आत्मा माना गया है इसलिए जिस समय में भी सूर्यग्रहण होता है तो ये समय भौगोलिक सामाजिक और व्यक्तिगत रूप से भी बहुत ज्यादा समस्याएं और बड़े उतार चढ़ाव कराने वाला होता है... इस समय में बड़ी प्राकृतिक आपदाएं, बड़ी दुर्घटनाएं और समाज में विवादों की स्थिति तो बनती ही है पर व्यक्तिगत रूप से भी सूर्य ग्रहण के समय ज्यादातर लोगों को मानसिक तनाव बढ़ने, घबराहट, नकारात्मक विचार आने और इरिटेशन जैसी समस्याएं परेशान करती हैं।

अब बात करते हैं 26 दिसम्बर को होने वाले सूर्य ग्रहण की -

आने वाले 26 दिसम्बर 2019 बृहस्पतिवार के दिन सूर्य ग्रहण पड़ रहा है जो लगभग तीन घंटे का होगा। ये सूर्य ग्रहण 26 तारिख की सुबह 8:17 पर शुरू होगा 9:37 पर ग्रहण का मध्यकाल होगा और 10:57 पर ग्रहण का मोक्ष हो जायेगा तो कुल मिलाकर इस ग्रहण की समय अवधी लगभग तीन घंटे होगी, इस सूर्य ग्रहण का सूतक बारह घंटे पहले ही 25 दिसम्बर की रात 8:17 पर लग जायेगा। ये सूर्य ग्रहण "धनु राशि" और "मूल नक्षत्र" में बनेगा इसलिए व्यक्तिगत रूप से धनु राशि और मूल नक्षत्र में जन्मे लोगों पर इस ग्रहण का विशेष प्रभाव पड़ेगा, ज्योतिषीय नजरिये से 26 दिसम्बर को होने वाले इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव किसी समान्य सूर्य ग्रहण के मुकाबले बहुत ज्यादा तीव्र होगा क्योंकि इस सूर्य ग्रहण के समय धनु राशि में एक साथ छः ग्रहों (सूर्य चन्द्रमा शनि बुध बृहस्पति केतु) का योग बनेगा जिससे इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव बहुत ज्यादा और लम्बे समय तक रहने वाला होगा।

26 दिसम्बर को होने वाले इस सूर्य ग्रहण का पूर्व प्रभाव तो पिछले कई दिनों से आप राष्ट्रिय और स्थानीय रूप से सामाजिक उठा-पटक हिंसा और उन्माद के रूप में देख ही चुके हैं... बाकि इस सूर्य ग्रहण के प्रभाव को देखें तो इस सूर्य ग्रहण के प्रभाव से आंधी तूफ़ान, अतिवर्षा और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं और यातायात दुर्घटनाएं तो सामने आएँगी ही पर ये ग्रहण अग्नितत्व राशि (धनु) में बन रहा है इसलिए इसलिए इस ग्रहण के आस पास के दिनों और ग्रहण के बाद के समय में भी विशेष रूप से अग्नि दुर्घटनाएं बहुत ज्यादा सामने आएँगी, और ग्रहण के बाद लगभग दो-तीन महीनो के अंतराल में इस तरह की घटनाओं के समाचार बहुत सुनने को मिलेंगे। ज्योतिष में सूर्य को ही पॉलिटिक्स और पॉलिटिशियन्स का कारक माना गया है इसलिए इस सूर्य ग्रह के प्रभाव से राष्ट्रिय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुछ ना कुछ बड़ी उठा पटक और अनअपेक्षित फेर बदल भी होंगे इसके अलावा देश के संवेदनशील इलाकों में असामाजिक तत्वों द्वारा उन्माद की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं । सूर्य ग्रहण के प्रभाव से इस समय में सामाजिक में विवाद और झगडे तो बढ़ते ही हैं पर इस सूर्य ग्रहण में सूर्य शनि का योग भी बन रहा है जो पिता और पुत्र के बीच तनाव को बढ़ाता है इसलिए ज्यादातर परिवारों में पिता पुत्र के बीच मतभेद या विवाद भी इस समय में बढ़ेंगे। इस सूर्य ग्रहण के प्रभाव से अधिकांश लोगों को इरिटेशन गुस्सा आना नेगेटिव थॉट्स और डिप्रैशन जैसी समस्याएं होंगी इसलिए विशेष रूप से ग्रहण से एक सप्ताह पहले और एक सप्ताह बाद तक भी अपने व्यवहार पर बहुत संयम रखें बेकार के आर्ग्युमेंट्स से बचें और नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर हावी ना होने दें। दिसम्बर को होने वाले इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव अगले लगभग दो तीन महीने तक उपस्थित रहेगा इसलिए अगले तीन महीने हर स्तर पर संयम और सावधानी रखें।

इन लोगों पर होगा ग्रहण का विशेष प्रभाव -

ज्योतिषीय नजरिये से ये सूर्य ग्रहण धनु राशि और मूल नक्षत्र में होगा इसलिए इस ग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव धनु राशि के लोगों और मूल नक्षत्र में जन्मे लोगों पर पड़ेगा इसलिए धनु राशि के लोगों को विशेष रूप से सावधान रहना होगा पर इसके अलावा वृष कन्या और मकर राशि के लोगों के लिए भी ये सूर्यग्रहण संघर्ष बढाने वाला होगा। इसके अलावा जिन लोगों का जन्म धनु लग्न में हुआ है जिन लोगों की कुंडली में सूर्य की कोई भी दशा चल रही है ऐसे सभी लोगों के लिए भी ये सूर्य ग्रहण समस्याएं बढ़ाएगा।

बारह राशियों पर सूर्यग्रहण का प्रभाव -

मेष राशि - आपके कार्यों में अड़चने आने लगेंगी और अपने कार्यों की सफलता के लिए आपको अधिक प्रयास करने होंगे तभी आपके काम पूरे होंगे।

वृष राशि - संघर्ष बढ़ेगा, स्वास्थ में उतार चढाव आएगा स्वाथ के प्रति सचेत रहें, वाहन चलाने में बहुत सावधानी रखें और व्यर्थ के विवादों से दूर रहें।

मिथुन राशि - वैवाहिक जीवन में आर्ग्युमेंट्स होंगे इसलिए अपने व्यव्हार को संयमित रखें आर्ग्युमेंट्स से बचें, जीवन साथी के स्वास्थ में उतार चढाव भी संभव है। पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे लोगों के उनके बिजनेस पार्टनर के साथ तभेद हो सकते हैं।

कर्क राशि - आपको अपने कॉम्प्टीटर्स और विरोधियों पर विजय मिलेगी, पर बेकार के विवादों से बचें और आर्ग्युमेंट्स न करें वरना आपके लिए प्रॉब्लम्स बढ़ सकती हैं।

सिंह राशि - आपको अपनी संतान (बच्चों) के साथ मतभेद या आपसी विवाद बढ़ेंगे इसलिए जितना भी हो सके आर्ग्युमेंट्स से बचें और अपने गुस्से पर भी नियंत्रण रखें।

कन्या राशि - पारिवारिक विवाद बढ़ेंगे इसलिए घर में अपने व्यवहार को सौम्य बनाये रखें छोटी छोटी बातों पर गुस्सा ना करें , आपकी माता के स्वास्थ में भी उतार चढाव संभव हैं इसलिए उनका विशेष ध्यान रखें , प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई भी लेनदेन अगले दो महीनो तक ना करें इसमें आपको हानि हो सकती है।

तुला राशि - आपके लिए ये समान्य है पर छोटे भाई बहनो के साथ कुछ विवाद बढ़ सकते हैं इसलिए उनके साथ किसी भी तरह की बहस ना करें।

वृश्चिक राशि - इस ग्रहण का सीधा प्रभाव आपकी भाषा पर पड़ेगा और आपका गुस्सा भी बढ़ेगा इसलिए अपने बिहेवियर को बहुत कंट्रोल रखें वरना आपके सभी काम बिगड़ सकते हैं।

धनु राशि - ये सूर्य ग्रहण क्योंकि आपकी ही राशि में बन रहा है इसलिए आपके जीवन में संघर्ष और मानसिक तनाव बढ़ेगा और आपकी हैल्थ में भी डिस्टर्बेंस होगा इसलिए आपको अपना भी ध्यान रखना होगा और अपने सभी कार्यों को भी बहुत सावधानी से करना होगा, इसके अलावा मानसिक तनाव और नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर हावी ना होने दें।

मकर राशि - आपके जीवन में धन खर्च बढ़ेगा और आर्थिक हानि या पैसों का नुकसान होने की संभावनाएं भी बनेंगी इसलिए किसी तरह के लेनदेन को बहुत सावधानी के साथ करें।

कुम्भ राशि - आपके लिए ये समान्य है हालाँकि आपके जीवन में फाइनेंशियल प्रॉफ़िट्स बढ़ेंगे, पर बड़े भाई बहनो के साथ आपके मतभेद या विवाद बढ़ सकते हैं इसलिए उनके साथ आर्ग्युमेंट्स ना करें।

मीन राशि - प्रोफेशनल लाईफ को लेकर मानसिक दबाव बढ़ेगा, बॉस और सीनियर्स की और से आपो कुछ समस्याओं का सामना होगा इसलिए सतर्क रहें और अपने सीनियर्स के साथ आर्ग्युमेंट्स ना करें वार्ना आपकी ऑफशियल लाईफ में प्रॉब्लम्स बढ़ सकती हैं।

इस सूर्य ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए ये उपाय करें -

1. ॐ घृणि सूर्याय नमः इस मंत्र का एक माला जाप रोज करें

2. आदित्य हृदय स्तोत्र का रोज पाठ करें।

3. सूर्य को रोज जल दें।

ये उपाय ग्रहण के एक सप्ताह पहले से ग्रहण के एक महीने बाद तक नियमित करते रहें। इसके अलावा ग्रहण वाले दिन ग्रहणकाल में आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ, गायत्री मंत्र या अपने इष्ट मंत्र का जाप अवश्य करें और ग्रहण का मोक्ष होने के बाद गेहू और कोई ऊनि वस्त्र किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को अवश्य दान करें।

।। श्री हनुमते नमः।।

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