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श्री नरेंद्र मोदी जी की कुण्डली की विशेषताएं

श्री नरेंद्र मोदी जी के व्यक्तित्व, वक्तवय और प्रतिनिधित्व से आज कौन व्यक्ति प्रभावित नहीं होगा उनका दमदार व्यक्तित्व और शानदार प्रतिनिधित्व आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक अमिट छाप बन चुका है, उनकी दृढ निश्चयता और निर्भयता के साथ साथ गहन उदारता भी उनके व्यक्तित्व की एक बड़ी विशेषता है तो आईये देखते हैं नरेंद्र मोदी जी की कुंडली में कौनसे विशेष ग्रह योग हैं जो उन्हें प्रभावपूर्ण व्यक्तित्व और सफल प्रतिनिधित्व की क्षमता देते हैं।..................

श्री नरेंद्र मोदी जी की जन्मकुंडली वृश्चिक लग्न और वृश्चिक ही राशि की है लग्न में चन्द्रमाँ मंगल स्थित हैं, बृहस्पति चतुर्थ भाव में, शुक्र, शनि दशम भाव में राहु पंचम में तथा सूर्य बुध और केतु एकादश भाव में स्थित हैं।
श्री नरेंद्र मोदी जी की कुंडली में लग्नेश मंगल लग्न में ही स्थित है जिसे ज्योतिषीय दृष्टि में बहुत ही शुभ माना जाता है लग्नेश लग्न में ही स्थित होने से कुंडली को बहुत विशेष बल मिल जाता है श्री मोदी जी की कुंडली में लग्नेश लग्न में होने से लग्न और लग्नेश दोनों ही बहुत मजबूत स्थिति में हैं साथ ही दूसरी दृष्टि से मंगल का स्वराशि में लग्न में होना रूचक योग बनाकर मंगल को नैसर्गिक रूप से भी बहुत बली बना रहा है, लग्न और लग्नेश का बलवान होना तो व्यक्ति को उच्च आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति देता ही है साथ ही मंगल हिम्मत, शक्ति, पराक्रम, दृढनिश्चयता और उत्साह प्रदान करता है श्री मोदी जी की कुंडली में लग्न लग्नेश और मंगल दोनों ही बहुत बलवान हैं पर यहाँ इसमें एक और विशेष बात है के मजबूत मंगल भी विशेष रूप से कुंडली के लग्न भाव में स्थित है और लग्न(प्रथम भाव) ही व्यक्ति के स्वभाव को निश्चित करता है अतः बलवान मंगल पूर्ण रूप से मोदी जी की लग्न अर्थात स्वभाव को प्रभावित कर रहा है जिससे पराक्रम, निडरता, निर्भयता और उत्साह हमेशा मोदी जी के स्वभाव में बना रहता है स्वराशि में स्थित बलवान मंगल व्यक्ति को बहुत मेहनती और अपने कार्य को पूरे समर्पण से करने वाला तो बनाता ही है साथ ही दृढ निश्चयी भी बनाता है रूचक योग वाला व्यक्ति जिस बात को थान लेता है उसे पूरा करके ही दम लेता है और बली मंगल ही व्यक्ति को किलिंग स्पिरिट देता है जिससे व्यक्ति अपने कार्यों की सफलता में अपनी पूरी ऊर्जा लगा देता है लग्न में स्वराशि के बली मंगल के कारण ही ये सभी विशेषताएं हमें श्री मोदी जी के व्यक्तित्व में भी स्पष्ट दिखाई देती हैं। श्री मोदी जी की कुंडली में स्वराशि का मंगल ही उन्हें पराक्रम के साथ साथ बहुत अच्छी प्रतिस्पर्धात्मक शक्ति भी देता है लग्न में रूचक योग होने से व्यक्ति हमेशा अपने विरोधियों पर हावी रहता है लग्न में रूचक योग होने पर ऐसा व्यक्ति स्वतंत्र और निर्भय स्वभाव का अपनी बात को पूर्ण आत्मविश्वास से कहने वाला होता है और लग्न का बली मंगल ही श्री मोदी जी को पूर्ण कर्मठ और स्वाभिमानी व्यक्ति भी बनाता है

श्री नरेंद्र मोदी जी की कुंडली में लग्न में चन्द्रमाँ नीच राशि में स्थित है वैसे तो वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल केंद्र में और विशेष रूप से चन्द्रमाँ के साथ होने से यहाँ चन्द्रमाँ का पूर्ण रूप से नीच भंग हो रहा है पर फिर भी नीच राशि का चन्द्रमाँ श्री मोदी जी को एक भावुक प्रवर्ति भी देता है उनके वक्तव्यों में कई बार उन्हें भावुक होते हुए भी हम सभी ने देखा होगा यह नीच राशि के चन्द्रमाँ के ही कारण है पर लग्न में रोचक योग बनने से ऐसा व्यक्ति कर्म प्रधान होता है और अपने कर्म और लक्ष्यों पर भावुकता हो हावी नहीं होने देता।

श्री मोदी जी की कुंडली में बुद्धि तर्क शक्ति और वाणी का कारक ग्रह बुध एकादश भाव में उच्च राशि में स्थित है जो उन्हें किसी भी बात के गहन अध्ययन और विश्लेषण की श्रेष्ठ क्षमता और दूरदर्शिता प्रदान करता है। श्री मोदी जी की वाणी और वक्तव्य बहुत ऊर्जान्वित और प्रभावपूर्ण होते हैं इसके लिए उनकी कुंडली के बलवान मंगल और उच्चस्थ बुध दोनों की ही महत्वपूर्ण भूमिका है उच्चस्थ बुध उन्हें प्रखर वाणी और तर्कसंगत व्यक्तित्व की क्षमता देता है तो बलवान मंगल उन्हें अपनी बात को पूर्ण आत्मविश्वास और दृढ़ता के साथ प्रस्तुत करने की शक्ति देता है। श्री मोदी जी की कुंडली में बृहस्पति का केंद्र में होना और मंगल का स्वराशि में होना ही उन्हें कुशल प्रबंधन की क्षमता प्रदान करता है। बुध को व्यवहारिकता और आपसी तालमेल का कारक भी माना गया है श्री मोदी जी की कुंडली में बुध उच्च राशि में होने से ही वे बहुत व्यवहार कुशल और अपने मैत्रीपूर्ण व्यवहार से सबका मन मोह लेने का विशेष गुण भी रखते हैं इसके अलावा श्री मोदी जी की कुंडली में बृहस्पति का केंद्र में होना तथ वक्री होकर बृहस्पति का नवम भाव (आस्था, उदारता, सेवा और सदभावना का भाव) को उच्च दृष्टि से देखना उनके व्यक्तित्व में उदारता का श्रेष्ठ गुण भी देता है वक्री बृहस्पति की नवम भाव पर उच्च दृष्टि पड़ने से यहाँ नवम भाव बहुत बली हो गया है जिससे मोदी जी एक समान दृष्टि से सभी को सम्मान और आदर देते हैं समाज के लिए सेवा भाव भी उनके व्यक्तित्व में स्पष्ट दिखाई देता है। मोदी जी की कुंडली में ग्रहस्थिति और उनके स्वभाव को लेकर एक बात बहुत महत्वपूर्ण है लग्न में स्थित स्वराशि का मंगल उन्हें निर्भयता, दृढ़ता और ओजमयी वाणी और स्वाभिमानी व्यक्तित्व तो देता है पर उनकी कुंडली में लग्न में मंगल के साथ चन्द्रमाँ होना और विशेष रूप से बृहस्पति का केंद्र और नवमभाव दोनों को प्रभावित करना उनके स्वभाव में अहम् को तनिक भी नहीं आने देता। बलवान मंगल उन्हें अपने कार्यों और लक्ष्यों के लिए तो दृढ बनाता है पर उनकी कुंडली में बृहस्पति की विशेष स्थिति के कारण प्रत्येक व्यक्ति के साथ उनका व्यव्हार बहुत विनम्रता पूर्ण होता है।

श्री नरेंद्र मोदी जी की कुंडली में लग्न और लग्नेश मंगल बली स्थिति में होना ही उन्हें उच्च प्रतिष्ठा, यश और विश्व विख्यात प्रसिद्धि प्रदान करते हैं लग्न भाव व्यक्ति के यश प्रसिद्धि और प्रतिष्ठा को नियंत्रित करता है जिन लोगो की कुंडली में लग्नेश लग्न में ही बलवान होकर स्थित होता है वे अपने जीवन में बहुत जाने माने और प्रसिद्ध व्यक्ति बनते हैं मोदी जी की कुंडली में यह ग्रह योग और उनके जीवन में इसकी वास्तविकता स्पष्ट दिखाई देते हैं।

अब विशेष रूप से श्री नरेंद्र मोदी जी की कुंडली में उनकी उपलब्धियों और राजनैतिक सफलता के ग्रहयोगों को देखते हैं। .......... श्री मोदी जी की कुंडली में दशम भाव (कर्म का भाव) में सर्कार और सत्ता कारक ग्रह सूर्य की राशि (सिंह) का उपस्थित होना उनके जीवन को इस क्षेत्र से तो जोड़ ही देता है उनकी कुंडली में राजनीती और सत्ता का कारक सूर्य लाभ स्थान में है पर श्री मोदी जी की कुंडली में एक बहुत ही विशेष योग बना हुआ है जो राजनैतिक क्षेत्र में सफलता और जनसमर्थन को देता है मोदी जी की कुंडली में चतुर्थ भाव (जनता का भाव) का स्वामी शनि दशम भाव में स्थित होकर चतुर्थ भाव को पूर्ण दृष्टि देख रहा है जिससे यहाँ कुंडली का चौथा भाव बहुत बलवान हो गया है ऐसे में व्यक्ति को बहुत बड़ी मात्रा में जनसमर्थन और जनता का सहयोग प्राप्त होता है इसके अलावा जनता का नैसर्गिक कारक शनि भी केंद्र में बृहस्पति से दृष्ट है जिससे श्री मोदी जी को जनता का बहुत अच्छा समर्थन प्राप्त होता है मोदी जी की कुंडली में दशमेश सूर्य लाभ स्थान में होना शुभ है पर विशेष रूप से कर्म कारक शनि का बृहस्पति से दृष्टि सम्बन्ध स्थापित करना एक विशेष फलदायी योग है ज्योतिष में शनि और बृहस्पति का साथ होना या इनमे दृष्टि सम्बन्ध बनना बहुत शुभ माना गया है ऐसा व्यक्ति अपने क्षेत्र में कुछ विशेष करके दिखाता है और विशिष्ट उपलब्धियां प्राप्त करता है, साथ ही बृहस्पति की शुभ दृष्टि से शनि और दशम भाव दोनों को बहुत बल मिल रहा है जो स्पष्ट रूप से जीवन में अपने कर्म क्षेत्र की उच्च सफलता और श्रेष्ठ पदों की प्राप्ति को दर्शाता है।

अब श्री मोदी जी की कुंडली के कुछ और विशेष सफलतादायक योगों को देखते हैं मोदी जी की कुंडली में भाग्येश चन्द्रमाँ नीच राशि में होने से उनके जीवन का प्रारंभिक समय अस्थिरता और उतार चढ़ाव में व्यतीत हुआ पर उसी नीच राशि के चन्द्रमाँ ने बाद में नीचभंग राजयोग का रूप भी दिखाया मंगल केंद्र में और चन्द्रमाँ के साथ होने से यहाँ चन्द्रमाँ से नीचभंग राजयोग बन रहा है जो संघर्ष के बाद बड़ी सफलता देता है, लग्नेश का लग्न में स्थित होना स्वयं में एक राजयोग माना गया है जो मोदी जी की कुंडली की सबसे बड़ी विशिष्टता भी है इसके अलावा यहाँ भाग्येश और लग्नेश का लग्न में एक साथ होना केंद्र त्रिकोण के सम्बन्ध से भी राज योग बना रहा है, मोदी जी की कुंडली में दशमेश सूर्य और लाभेश बुध का लाभ स्थान में बना योग भी समृद्धि और उच्च पद की प्राप्ति कराता है, कुंडली में स्वराशि का मंगल लग्न में होने से बना रूचक योग तो कुंडली को विशेष बल दे ही रहा है साथ ही यहाँ वक्री बृहस्पति की भाग्य स्थान पर पड़ने वाली उच्च दृष्टि जीवन में बड़ी सफलता देती है

तो ये श्री मोदी जी की कुंडली के कुछ ऐसे विशेष ग्रहयोग हैं जो उनमे विशेष प्रतिभाएं तो देते ही हैं साथ ही जीवन में बड़ी सफलता भी प्रदान करते हैं बली मंगल उन्हें प्रतिनिधित्व और कुशल नेतृत्व की क्षमता देता है तो उच्चस्थ बुध ओजमयी वाणी प्रदान करता है बृहस्पति और शनि का दृष्टि सम्बन्ध कर्म क्षेत्र में कुछ विशिष्ठ उपलब्धियां दिलाता है तो बलवान चतुर्थ भाव विशेष जनसमर्थन को दर्शाता है। मोदी जी की कुंडली की एक विशेषता यह भी है के लग्न में ही चन्द्रमाँ स्थित होने से मोदी जी की लग्न और चंद्र कुंडली एक ही है जिससे कुंडली में बने योग और अधिक प्रबल हो जाते हैं क्योंकि लग्न कुंडली और चंद्र कुंडली दोनों में ही एक समान ग्रह योग बनते हैं जो अपना पूरा प्रबल प्रभाव दिखाते हैं अधिकांशतः स्थितियों में लग्न और चंद्र कुंडली भिन्न होने से लग्न में बली मंगल होने पर भी चंद्र कुंडली में अलग ग्रहयोगों के कारण व्यक्ति के स्वभाव में बलवान मंगल के पूरे गुण नहीं आ पाते परंतु नरेंद्र मोदी जी की कुंडली में लग्न और चंद्र कुंडली समान होने से उनके व्यक्तित्व में बली मंगल के पूर्ण ऊर्जावान गुण विद्यमान हैं साथ ही इससे उनकी कुंडली में बने अन्य अच्छे ग्रह योग भी और प्रबल प्रभाव दिखा रहें हैं

वर्तमान में श्री नरेंद्र मोदी जी की कुंडली में चन्द्रमाँ की महादशा में बुध की अंतर्दशा चल रही है जो दिसंबर 2017 तक रहेगी चन्द्रमाँ यहाँ भाग्येश है तथा नीचभंग राजयोग बना रहा है और बुध उच्च राशि में है दोनों ही दृष्टि से वर्तमान और आगे का समय मोदी जी के लिए सकारात्मक और अनुकूल है पर विशेष रूप से 26 जनवरी 2017 को शनि का धनु राशि में आना श्री मोदी जी के लिए बहुत शुभ है क्योंकि लम्बे समय से शनि गोचरवश उनकी राशि वृश्चिक में शत्रु मंगल पर गोचर कर रहा था जिसे संघर्ष बढ़ने वाला माना गया है इसीलिए शनि के वृश्चिक राशि में रहने से इन्हें विरोदी दलों के अधिक विरोध और उत्पन्न चुनोतियों का अधिक सामना करना पड़ रहा था परंतु अब जनवरी 2017 में शनि का धनु राशि में प्रवेश हो चुका है जिससे शनि का उनकी राशि से प्रत्यक्ष प्रभाव हट गया है जिससे वर्तमान पुरानी उलझने या संघर्ष समाप्त होकर सकारात्मक और शुभ परिवर्तन होंगे तथा धनु राशि में शनि का प्रवेश श्री नरेंद्र मोदी जी की सक्षमता और स्थिरता को और दृढ करके उन्हें आगे भी सफलताएं दिलाएगा।

।। श्री हनुमते नमः।।

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