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वैभव प्रदाता शुक्र

ज्योतिष में शुक्र को धन, सुख संपत्ति, घर, जायदात, भौतिक संसाधन, ऐश्वर्य, विलासिता, वैभव, आर्थिक उन्नति और भोग का कारक माना गया है, शुक्र ही हमारे जीवन के सभी भौतिक संसाधनों और समृद्धि को नियंत्रित करता है इसलिए आज के समय शुक्र सर्वाधिक महत्व रखने वाला ग्रह माना जाता है जिन लोगों की कुंडली में शुक्र बली स्थिति में होता है उन्हें जीवन में अच्छी आर्थिक स्थिति, संपत्ति ऐश्वर्य और वैभव की प्राप्ति होती है और यदि कुंडली में शुक्र कमजोर और पीड़ित स्थिति में हो तो ऐसे में जीवन में आर्थिक विकास नहीं हो पाता जीवन में सुख संसाधनों और धन से जुडी समस्यायें उत्पन्न होती हैं और व्यक्ति आर्थिक दृष्टि से संघर्षपूर्ण जीवन व्यतीत करता है, जन्मकुंडली में बने अन्य शुभ योगों के होने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अच्छी तो हो सकती हैं पर जीवन में ऐश्वर्य और वैभव केवल बली शुक्र से ही प्राप्त होता है ,यदि कुंडली में शुक्र पीड़ित हो तो ऐसे में व्यक्ति समान्य आर्थिक स्थिति को ही प्राप्त कर पाता है जीवन में वैभव नहीं आ पात, और यदि कुंडली में शुक्र अति पीड़ित स्थिति में हो तो ऐसे में कुंडली में बने राजयोग भी निष्फल हो जाते हैं इसलिए कुंडली में राजयोग भी तभी अपना पूरा परिणाम देता है जब शुक्र भी शुभ स्थिति में हो।

यदि कुंडली में शुक्र स्व उच्च (वृष, तुला, मीन) राशि में हो और शुभ स्थानों (केंद्र, त्रिकोण, धन, लाभ स्थान) में हो तो ऐसे में व्यक्ति को अच्छी आर्थिक स्थिति प्राप्त होती है संपत्ति और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में वैभव की प्राप्ति होती है, यदि शुक्र केंद्र में (1,4,7,10 भाव) वृष तुला या मीन राशि में हो तो माल्वय योग का निर्माण होता है जो व्यक्ति को राजयोग तुल्य फल प्रदान करता है। शुक्र को कुंडली के बारहवे भाव में सर्वाधिक बली माना जाता है बारहवा भाव भोग का नियंत्रक भाव है तथा शुक्र भोग का नैसर्गिक कारक है इसलिए बारहवे भाव में स्थित शुक्र व्यक्ति को उच्च समृद्धि प्रदान करता है। पुरुष जातकों की कुंडली में शुक्र ही पत्नी और वैवाहिक जीवन का प्रतिनिधित्व करता है जिन पुरुषों की कुंडली में शुक्र बारहवे भाव में होता है तो ऐसे लोगों के विवाह के बाद उनका विशेष भाग्योदय होता है।
यदि कुंडली में शुक्र नीच राशि (कन्या) में हो केतु के साथ हो मंगल से पीड़ित हो, सूर्य से अस्त हो या अष्टमभाव में होने से पीड़ित हो तो ऐसे में व्यक्ति को आर्थिक संघर्ष का सामना करना पड़ता है जीवन में संपत्ति और भौतिक संसाधनों की कमी रहती है जीवन में ऐश्वर्य और वैभव नहीं आ पाता और जीवन एक समान्य स्तर से आगे नहीं बढ़ पाता।

यदि कुंडली में शुक्र पीड़ित होने से आर्थिक और सम्पत्तिक पक्ष से जुडी समस्याएं आ रही हों तो निम्नलिखित उपाय लाभदायक होंगे -

उपाय -

1. ॐ शुम शुक्राय नमः का नियमित जाप करें।

2. प्रतिदिन श्रीसूक्त का पाठ करें।

3. शुक्रवार को गाय को खीर खिलाएं।

4. किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह के बाद ओपल रत्न धारण करना भी लाभदायक होगा।

।। श्री हनुमते नमः।।

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