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बृहस्पति है मजबूत तो इन क्षेत्रों में बनेगा अच्छा करियर

ज्योतिष और ज्योतिषीय गणनाओं का आधार नवग्रह ही हैं हमारे जीवन के सभी घटकों को नवग्रह ही नियंत्रित करते हैं परन्तु ज्योतिष में "बृहस्पति" को एक विशेष स्थान प्राप्त है हमारे जीवन के महत्वपूर्ण घटकों पर बृहस्पति का अधिकार है, बृहस्पति को जीव(स्वम), अपने गुरु, ज्ञान, शिक्षा, विवेक, अध्यापन परिपकवता, विनम्रता, सच्चरित्रता, प्रबन्धशक्ति, संतान, संतान सुख, धर्म, धार्मिक कार्य, परामर्श, उपचार, समाधान शक्ति, कागज, संपादन, ब्याज आदि का कारक माना गया है इसके अतिरिक्त हमारे शरीर में लीवर, वसा(फैट) और श्रवण क्षमता को बृहस्पति ही नियंत्रित करता है परन्तु इसके अलावा बृहस्पति करियर या व्यवसाय में भी कुछ विशेष क्षेत्रों से जोड़ता है यदि कुंडली में बृहस्पति मजबूत और शुभ स्थिति में हो तो ऐसे में व्यक्ति अपने करियर में कुछ खास क्षेत्रों में अच्छी सफलता प्राप्त कर सकता है –

बृहस्पति को ज्ञान और शिक्षा का कारक ग्रह तो माना ही गया है जिससे कुंडली में बृहस्पति मजबूत होने पर व्यक्ति स्वयं तो ज्ञानवान होता ही है पर यदि यदि कुंडली में बृहस्पति अच्छी स्थिति में है या करियर को प्रभावित कर रहा हो तो ऐसे में व्यक्ति में एक टीचर के अच्छे गुण होते हैं इसलिए ऐसे में अध्यापन या टीचिंग का कार्य व्यक्ति के लिए सफलता दायक होता है ऐसे में व्यक्ति को टीचिंग फील्ड में भी सफलता मिलती है और शिक्षण संस्थानों से जुड़कर भी लाभ होता है।, बृहस्पति को मैनेजमेंट का ग्रह भी माना गया है इसलिए जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति अच्छी स्थिति में हो ऐसे लोगो के लिए एमबीए करना अच्छा होता है मैनेजमेंट फील्ड में इनका अच्छा करियर बनता है, बृहस्पति मजबूत होने पर व्यक्ति अपने आप में एक अच्छा मैनेजर होता है l बृहस्पति प्रिंटिंग और संपादन कार्य का भी कारक माना गया है इसलिए कुंडली में बृहस्पति मजबूत होने पर व्यक्ति एक अच्छा सम्पादक भी बन सकता है. . . इन सबके अलावा बिजनेस या व्यापार की दृष्टि से देखें तो यदि व्यक्ति की कुंडली के अनुसार बिजनेस सूट करता हो तो ऐसे में यदि व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति मजबूत और अच्छी स्थिति में हो तो व्यक्ति को स्टेशनरी, किताबों का काम, फोटोस्टेट, धार्मिक किताबों व पूजन सामग्री का काम, प्राइवेट कोचिंग, गोल्ड, फाइनेंस, ब्याज का काम और कागज से जुड़े कार्य अच्छे और लाभदायक होते हैं।

यदि कुंडली में बृहस्पति दशम भाव में हो या दशम भाव पर बृहस्पति की दृष्टि हो, बृहस्पति शनि के साथ शुभ स्थिति में हो, कुंडली में बृहस्पति केंद्र त्रिकोण में होकर स्व या उच्च राशि में हो तो ऐसे में ये उपरोक्त कार्य क्षेत्र व्यक्ति के लिए अच्छे और उन्नतिदायक होते हैं।

।। श्री हनुमते नमः।।

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