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कुण्डली में वाहन सुख के योग

आज के समय में व्यक्ति के पास वाहन होना उसकी महत्वकांक्षा और आवश्यकता दोनों ही हो गया है और वर्तमान समय में वैसे तो अधिकांश व्यक्तियों के पास अपना समान्य वाहन तो होता ही है पर इसमें भी कुछ व्यक्तियों को होने जीवन में केवल समान्य वाहन की ही प्राप्ति हो पाती है और कुछ लोगों को बड़े और वैभवपूर्ण और लग्जुरियस वाहन का सुख प्राप्त होता है वहीँ कुछ लोग एक समान्य स्तर के वाहन को भी प्राप्त नहीं कर पाते तो हमारी कुंडली में कौनसे ग्रहयोग जीवन में वाहन सुख के स्तर को निश्चित करते हंर आइये देखते हैं -

कुंडली में चतुर्थ भाव और चतुर्थेश ग्रह संपत्ति और वाहन सुख को नियंत्रित करते हैं पर इसमें जो एक ग्रह अपनी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है वो है "शुक्र" शुक्र ही हमारे जीवन में विलासिता और वैभवपूर्ण वस्तुओं को प्रदान करता है इसलिए कुंडली में चतुर्थ भाव और चतुर्थेश का अच्छी स्थिति में हों व्यक्ति को वाहन सुख तो देता है पर वैभवपूर्ण वाहनों की प्राप्ति का सुख उन्ही लोगो को मिलता है जिनकी कुंडली में विशेष रूप से शुक्र बहुत मजबूत हो।

वाहन सुख के कुछ विशेष योग -

1. यदि चतुर्थेश चतुर्थ भाव में ही स्थित हो या चतुर्थेश की चतुर्थ भाव पर दृष्टि हो तो व्यक्ति को अच्छा वाहन सुख मिलता है

2. चतुर्थेश स्व या उच्च राशि में होकर शुभ भावों (केंद्र त्रिकोण) में स्थित हो तो अच्छा वाहन सुख देता है।

3. चतुर्थेश का दशमेश, नवमेश, लाभेश, लग्नेश, पंचमेश के साथ राशि परिवर्तन भी व्यक्ति को अच्छा वाहन सुख देता है।

4. कुंडली में शुक्र यदि स्व या उच्च राशि (वृष, तुला, मीन) में होकर शुभ भावों में हो तो बड़े और वैभवपूर्ण वाहनों का सुख मिलता है।

5. कुंडली में यदि माल्वय योग बना हो तो व्यक्ति लग्जुरियस वाहनों का सुख भोगता है।

6. यदि शुक्र कुंडली के बारहवे भाव में हो और पाप ग्रहों के प्रभाव से मुक्त हो तो व्यक्ति को वैभवपूर्ण वाहनों का सुख मिलता है।

7. जिन लोगों की कुंडली में चतुर्थेश छटे आठवे बारहवे भाव में हो, अपनी नीच राशि में हो या शत्रु ग्रहों से पीड़ित हो तो ऐसे लोगों वाहन प्राप्ति में बाधाएं आती हैं।

8. चतुर्थ भाव का पीड़ित या कमजोर होना भी वाहन प्राप्ति में बाधक बनता है।

9. जिन लोगों की कुंडली में शुक्र अपने नीच राशि कन्या में हो, छटे आठवे भाव में हो, केतु मंगल से पीड़ित हो अस्त हो या अन्य किसी भी प्रकार से कमजोर हो तो ऐसे लोगों को बड़े और वैभवपूर्ण वाहनों का सुख नहीं मिल पाता।

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