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देवोत्थानी एकादशी (देवउठान) 8 नवम्बर को

भारतीय संस्कृति और वैदिक हिन्दू परम्पओं में किसी भी महत्वपूर्ण या मंगल कार्य के लिए शुभ मुहूर्त का बड़ा विशेष महत्त्व है और विवाह संस्कार जीवन में एक बड़ा और अधिक महत्व रखने वाला मंगल कार्य होता है इसलिए विवाह संस्कार को वर्ष भर में उपस्थित कुछ विशेष शुभ मुहूर्तों में ही किया जाता है जिन्हें आम भाषा विवाह का साया भी कहा जाता है, ज्योतिष शास्त्र के द्वारा ग्रह नक्षत्र माह तिथि आदि की गणना करके वर्ष भर के विवाह मुहूर्त निश्चित किये जाते हैं इसके आलावा वर्ष भर में विवाह कार्य के लिए पाँच स्वयं सिद्ध मुहूर्त भी होते हैं जिन्हें अनसूज साया कहते हैं इन्ही पांच स्वयंसिद्ध मुहूर्तों में से एक बहुत विशेष मुहूर्त है देवउठान एकादशी, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को "देवउठान एकादशी' के रूप में मनाया जाता है इस बार 8 नवम्बर शुक्रवार को देवउठान एकादशी है…इस दिन शालिग्राम और तुलसी विवाह की विशेष पारम्परा भी है।, हिन्दू पंचांग के अनुसार आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल दशमी तक के मध्य पड़ने वाले "चातुर्मास" में पौराणिक परम्परा के अनुसार विवाह कार्य रुक जाते हैं और इस बीच में चार महीनो के लिए कोई विवाह मुहूर्त नहीं होता, चार माह बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी अर्थात देवउठान एकादशी के ही दिन चातुर्मास समाप्त होते हैं और देवोत्थानी एकादशी से फिर से विवाह कार्य शुरू हो जाते हैं। देवउठान एकादशी सिद्ध साया होने से इस दिन विवाह संस्कार के लिए पंचांग शुद्धि की आवश्यकता नहीं होती तो विवाह सम्बंधित मंगलकार्यों के लिए तो देवउठान का विशेष महत्व है ही पर यह एक सिद्ध मुहूर्त होने से इस दिन किसी भी नए कार्य की शुरुआत या कोई भी महत्वपूर्ण कार्य करना सफलतादायक माना गया है जैसे - नीवपूजन, गृहप्रवेश, ऑफिस ओपनिंग, वाहन खरीदना, रोकना, सगाई आदि सभी शुभ मंगल कार्यों के लिए देवउठान एकादशी का दिन बहुत श्रेष्ठ और उपयोगी होता है l

देवोत्थानी एकादशी के बाद पड़ने वाले शुद्ध विवाह मुहूर्त -

देवोत्थानी एकादशी से विवाह मुहूर्त खुल जायेंगे आगे आने वाले पूर्ण शुद्ध विवाह मुहूर्त की तारिख इस प्रकार हैं। नवम्बर में - 19, 20, 21, 22, 23, 28 और 30 तारिख, दिसम्बर में - 1,2,7,8,11 और 12 तारिख इसके बाद 16 दिसम्बर से 13 जनवरी तक मलमास होने से एक माह के लिए कोई विवाह मुहूर्त नहीं होगा, इसके बाद नए वर्ष 2020 में शुद्ध विवाह मुहूर्त इस तारीखों में होंगे - जनवरी में - 15,17,18,20,26,29,30 और 31 तारिख इसके बाद फरवरी में - 4, 9, 12, 16, 21, 25, 26, 27 और 28 तारिख और इसके बाद २ मार्च और अप्रैल में - 16,17, 20, 25, 26 और 27 तारिख फिर मई में - 1, 2, 4, 5, 6, 10, 13, 17, 18, 19, 20, और 29 तारिख, फिर जून में - 11, 15, 16, 19, 27, 28, 29 और 30 जून को आखरी विवाह मुहूर्त होगा इसके बाद विवाह मुहूर्त सीधे नवम्बर 2020 में होंगे।

।। श्री हनुमते नमः।।

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