Article of the Month - Astroindusoot

Astro Articles

16 जुलाई को गुरुपूर्णिमा पर होगा चंद्रग्रहण

चंद्र-ग्रहण को वैज्ञानिक दृष्टि से जहाँ एक विशेष खगोलीय घटना माना जाता है वहीँ धर्म और ज्योतिषीय गणनाओं की दृष्टि में चंद्रग्रहण एक बहुत महत्वपूर्ण घटना होती है जो पूरी प्रकृति के साथ साथ व्यक्तिगत रूप से भी हमें प्रभावित करती है, ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार चंद्रग्रहण हमेशा केवल पूर्णिमा के दिन ही होता है जब चन्द्रमाँ और सूर्य एक सीधी रेखा में अर्थात परस्पर 180 डिग्री पर होते हैं और पृथ्वी इनके मध्य आ जाती है। ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण एक नकारात्मक और बाधक स्थिति होती है इसलिए ग्रहण होने पर बड़ी प्राकृतिक आपदाएं भौगोलिक उतार चढाव सामाजिक उठापटक और संघर्ष का वातावरण बनता है और विशेष रूप से चद्रग्रहण की बात करें तो चन्द्रमाँ को जगत का मन कहा गया है और ज्योतिष में चन्द्रमाँ को मन का कारक ग्रह माना गया है इसलिए चंद्रग्रहण का समय प्राकृतिक और सामाजिक उठा पटक के साथ साथ मानसिक उद्वेग उत्पन्न करने वाला मानसिक समस्याओं को बढ़ाने वाला समय होता है। धार्मिक दृष्टि से ग्रहण काल को सांसारिक विषयों के लिए त्याज्य और साधना, मंत्र जाप, ध्यान और दान के लिए श्रेष्ठ समय बताय गया है

आने वाले 16 जुलाई मंगलवार गुरुपूर्णिमा को रात्रि में अर्धाधिक चंद्र ग्रहण होगा जिसे पूरे भारत में देखा जा सकेगा...16 जुलाई को होने वाले इस चंद्रग्रहण का सूतक मंगलवार शाम 4 बजकर 31 मिंट पर शुरू हो जायेगा और ग्रहण-काल को देखें तो 16 तारिख मंगलवार की रात 1 बजकर 25 मिन्ट पर चंद्र-ग्रहण शुरू होगा रात्रि 3 : 1 पर ग्रहण का मध्यकाल होगा और 4 बजकर 30 मिन्ट पर ग्रहण का मोक्ष हो जायेगा तो कुल मिलाकर इस चंद्रग्रहण की अवधि तीन घंटे होगी… ये चंद्रग्रहण धनु और मकर राशि और उत्तराषाढ़ नक्षत्र में होगा।

ज्योतिषीय दृष्टि से 16 जुलाई के चंद्रग्रहण का प्रभाव -

ज्योतिषीय दृष्टि में ग्रहण काल को प्राकृतिक सामाजिक और व्यक्तिगत सभी दृष्टियों से संघर्ष उत्पन्न करने वाला समयकाल माना गया है और किसी भी ग्रहण का प्रभाव ग्रहण होने से लेकर अगले दो तीन माह तक उपस्थित रहता है जिससे इस समयकाल में प्राकृतिक और सामाजिक संघर्ष उत्पन्न होते हैं, चन्द्रमाँ स्वयं जल तत्व ग्रह है और ये चंद्रग्रहण अग्नि और भूमि तत्व राशि में बन रहा है इसलिए इस ग्रहण के प्रभाव से 16 जुलाई के बाद और आगे के दो तीन माह के अंदर अति वर्षा, आंधी तूफ़ान , भूकंप अग्नि दुर्घटनाओं जैसी स्थितयां सामने आएँगी प्राकृतिक और सामाजिक स्तर पर भी उठा पटक की स्थिति संभव है, चद्रग्रहण विशेष रूप से मानसिक तनाव बढाने समय होता है इसलिए इस ग्रहण के प्रभाव से 16 जुलाई के आसपास और आगे जके समय में अधिकांश लोगों को और खासकर जिन लोगों का चन्द्रमाँ कमजोर है ऐसे सभी लोगों को मानसिक घुटन घबराहट और डिप्रैशन जैसी समस्याओं का सामना भी होगा इसलिए मानसिक रूप से अपने पर नियंत्रण रखने की बहुत आवश्यकता होगी।

ग्रहण काल को सांसारिक कार्यों और भोगों के लिए त्याज्य माना और साधना और ईश्वर उपासना के लिए अच्छा माना गया है गर्भवती महिलाओं को इस समय में शयन नहीं करना चाहिए। चंद्रग्रहण का समय आध्यात्मिक रूप से बहुत दुर्लभ और सिद्धि देने वाला होता है इसलिए इस समय में की गयी उपासना बहुत शीघ्र फलीभूत होती है। इसलिए ग्रहणकाल में अपने इष्ट मंत्र का जाप करना बहुत कल्याणकारी होता है इसके अलावा भी आप ग्रहणकाल में गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र और चन्द्रमंत्र का जाप कर सकते हैं।

अब इस चंद्रग्रहण को बारह राशियों के हिसाब से देखें तो क्योंकि ये चंद्र ग्रहण धनु और मकर राशि में होगा इसलिए ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव तो धनु और मकर राशि के लोगों पर ही पड़ेगा पर इसके अलावा वृष, मिथुन, कन्या, तुला और कुम्भ राशि के लोगों के लिए भी ये चंद्रग्रहण संघर्ष बढ़ाने वाला होगा।

बारह राशियों पर 16 जुलाई के चंद्रग्रहण का प्रभाव -

मेष राशि - मध्यम है पर अपने कार्यों की सफलता के लिए ज्यादा प्रयास करने होंगे।

वृष राशि - स्वास्थ में उतार चढ़ाव बढ़ेंगे और सभी काम अड़चनों के बाद पूरे होंगे।

मिथुन राशि - वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ सकता है, स्वास्थ में उतार चढाव आएंगे।

कर्क राशि - मानसिक तनाव बढ़ेगा मैरिटल आर्ग्युमेंट्स बढ़ेंगे।

सिंह राशि - समान्य है, संतान के साथ आर्गयूएंट्स ना करें।

कन्या राशि - पारिवारिक विवाद और फेमिली आर्ग्युमेंट्स बाधेंगे।

तुला राशि - परिवार में आर्ग्यूमेंन्ट्स बढ़ेंगे

वृश्चिक राशि - समान्य है, आर्थिक लेनदेन में सावधानी बरतें।

धनु राशि - संघर्षपूर्ण है, मानसिक तनाव और स्वास्थ में उतार चढ़ाव बढ़ेगा और जीवन में बाधाएं आएँगी।

मकर राशि - संघर्ष बढ़ेगा, मानसिक तनाव और अवसाद का सामना होगा और कार्यों में बाधाएं आएँगी।

कुम्भ राशि - धन खर्च बढ़ेगा और आर्थिक हानि भी हो सकती है, आर्थिक लेनदेन सावधानी से करें।

मीन राशि - समान्य है, अपने ऑफिस में या कार्यस्थल पर आर्ग्युमेंट्स करने से बचें।

ये चंद्रग्रहण धनु और मकर राशि में पड़ रहा है इसलिए विशेष रूप से धनु और मकर राशि के लोगों को आगे आने वाले समय में संघर्ष और अपने जीवन में बाधाओं का सामना करना पड़ सकताहै और मानसिक तनाव भी बढ़ेगा इसलिए धनु और मकर राशि के लोगों को विशेष रूप से अपनी मानसिक स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास करना होगा और नकारात्मक विचारों से बचें कोई भी बड़ा डिसीजन बहुत ध्यानपूर्वक लें कोई भी इन्वेस्टमेंट बहुत ध्यानपूर्वक करें और ख़ास तौर पर नेगेटिव थॉट्स से बचने की कोशिश करें।

16 जुलाई 2019 को होने वाले चंद्रग्रहण के मुख्य बिंदु -

सूतक आरम्भ - मंगलवार शाम 4 : 31 पर

ग्रहण आरम्भ - रात्रि 1 : 25 पर

ग्रहण मध्यकाल - रात्रि 3 : 1 पर

ग्रहण मोक्ष - 4 : 30 पर

ग्रहण होने पर इसका प्रभाव आगे के लगभग दो तीन माह तक विध्यमान रहता है इसलिए चंद्रग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए ये उपाय करें -

1. ॐ सोम सोमाय नमः का रोज एक माला जाप करें।

2. प्रत्येक सोमवार को गरीब व्यक्ति को दूध दान करें।

3. प्रतिदिन दूध और जल के मिश्रण से रोज शिवलिंग का अभिषेक करें।

4. प्रत्येक सोमवार को गाय को खीर खिलाएं।

5. अपनी सामर्थ्य के अनुसार रोज महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

।। श्री हनुमते नमः।।

अगर आप अपने जीवन से जुडी किसी भी समस्या किसी भी प्रश्न जैसे – हैल्थ, एज्युकेशन, करियर, जॉब मैरिज, बिजनेस आदि का सटीक ज्योतिषीय विश्लेषण और समाधान लेना चाहते हैं तो हमारी वैबसाईट पर Online Consultation के ऑप्शन से ऑनलाइन कंसल्टेशन लेकर अपनी समस्या और प्रश्नो का घर बैठे समाधान पा सकते हैं अभी प्लेस करें अपना आर्डर कंसल्ट करें ऑनलाइन Customer Care & WhatsApp - 9068311666

ASTRO ARTICLES