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30 अप्रैल से 18 सितम्बर तक शनि रहेंगे वक्री जानिए इसका प्रभाव

वर्तमान समय में शनि का धनु राशि में संचार चल रहा है जिससे वृश्चिक धनु और मकर राशि पर साढ़ेसाती तथा वृष और कन्या राशि पर लघु कल्याणी ढैय्या चल रही है... वैसे तो अभी जनवरी 2020 तक शनि का संचार धनु राशि में ही रहेगा...पर कुछ विशेष ग्रहस्थितयों के कारण 30 अप्रैल 2019 को सुबह 6 बजकर 25 मिंट पर शनि वक्री हो रहा है और 18 सितम्बर तक शनि का धनु राशि में रहते हुए वक्री स्थिति में ही संचार होगा यानि के साढ़े चार महीने के लिए शनि वक्री होगा जो ज्योतिषीय दृष्टि से एक बहुत महत्वपूर्ण घटना है जिससे बारह राशियों पर प्रभाव के साथ साथ प्राकृतिक और सामाजिक रूप से भी काफी उतार चढ़ाव आते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं में वक्री ग्रह की बहुत प्रकार से व्याख्या की गयी है परन्तु असल में कोई भी ग्रह वक्री होने पर जिस राशि में होता है उससे पिछली राशि की और वापस बढ़ने लगता है जिससे वक्री रहने तक ग्रह एक प्रकार से पिछली राशि में होने के फल भी देता है... इसका मतलब ये है के अब धनु राशि वक्री होने पर 30 अप्रैल से 18 सितम्बर तक शनि के वृश्चिक राशि में होने के फल भी सभी राशियों को अलग अलग प्रकार से मिलेंगे

शनि के वक्री होने पर यहाँ सबसे पहली बात तो ये है मूवमेंट शत्रु ग्रह मंगल की राशि वृश्चिक की और होगा और शनि ग्रह हम सभी की प्रोफेशनल लाइफ को कंट्रोल करता है इसलिए इस बात की काफी पॉसिबिलिटीज हैं के अगले चार महीने में आपको आपकी प्रोफेशनल लाइफ में थोड़ा बहुत डिस्टर्बैंस फेस करना पड़े या फिर प्रोफेशनल लाइफ में थोड़ा मेन्टल स्ट्रेस बढे इसलिए आपको जितना हो सके ऑफिशियल आर्ग्युमेंट्स से बचने की कोशिश करें। जिन लोगों का काम सीधे तौर पर मशीनों से जुड़ा हुआ है उन्हें भी शनि वक्री होने के बाद कुछ समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है l यहाँ एक बात और इम्पोर्टेंट है के वक्री होने से शनि का मूवमेंट वृश्चिक राशि की और होगा जो के एक जल तत्त्व राशि है इसलिए इस बात की भी बहुत सम्भावनाये हैं के 30 अप्रैल को शनि वक्री होने बाद अंधी तूफ़ान के साथ बारिश होने की स्थिति भी बन जाये तो 30 अप्रैल के बाद से मौसम में कुछ बड़े उतार चढाव की स्थिति तो बनेगी ही।

अब अगर बारह राशियों की बात करें तो धनु राशि में शनि का वक्री होना ख़ास तौर पर मेष सिंह और सिंह राशि के लिए परेशानी बढ़ाने वाला है मिथुन कन्या मकर और कुम्भ राशि के लिए अच्छा है और बाकी के लिए एवरेज है, इसके अलावा वक्री होने पर शनि का मूवमेंट खासतौर पर वृश्चिक राशि की और हो रहा है इसलिए वृश्चिक राशि के लोगों पर भी इसका नेगेटिव इफ्फेक्ट पड़ेगा।

30 अप्रैल से शनि का वक्री होने से सभी बारह राशियों पर भी इसका अलग अलग प्रकार से प्रभाव पड़ेगा -

मेष राशि - संघर्षकारी है, स्वास्थ समस्याएं बढ़ेंगी कार्यों में संघर्ष बढ़ेगा बाधाओं के बाद कार्य होंगे। वाहन चलाने में सावधानी रखें।

वृष राशि - पिछले लम्बे समय से चल रहा संघर्ष कम होगा चल रही स्वास्थ समस्याएं कम होंगी, पर वैवाहिक जीवन में तनाव संभव है आर्ग्युमेंट्स से बचें।

मिथुन राशि - सकारात्मक है उत्साह और पराक्रम बढ़ेगा, चल रहे मानसिक तनाव में कमी आएगी, विरोधियों पर विजय मिलेगी। किसी भी तरह के कॉम्पटीशन की तैयारी कर रहे लोगों को अच्छे रिजल्ट्स मिलेंगे।

कर्क राशि - मानसिक तनाव बढ़ेगा, संतान के साथ आर्ग्युमेंट्स और विवाद हो सकते हैं अतः अपने व्यव्हार पर नियंत्रण रखें।

सिंह राशि - संघर्षकारी है, पारिवारिक विवाद और गृह क्लेश बढ़ेंगे, कार्यों में संघर्ष उत्पन होगा बाधाओं के बाद कार्य होंगे अतः विवादों से बचने का प्रयास करें।

कन्या राशि - शुभ है चल रहा संघर्ष कम होगा, पारिवारिक विवादों और गृहक्लेश में कमी आएगी, उत्साह बढ़ेगा।

तुला राशि - मध्यम है पर कार्यों में बाधाएं उत्पन्न होंगी और अधिक परिश्रम के बाद कार्य पूरे होंगे आर्थिक पक्ष से जुडी
कुछ समस्याएं भी रहेंगी।
वृश्चिक - मानसिक तनाव बढ़ेगा, संघर्ष की वृद्धि होगी कार्यों में अड़चने आएँगी और संघर्ष के बाद ही काम पूरे होंगे, स्वास्थ में उतार चढ़ाव भी संभव है।

धनु राशि - चल रहे अधिक मानसिक तनाव में तो कुछ कमी आएगी परन्तु जीवन में संघर्ष अभी भी बना रहेगा विशेष रूप से धन खर्च बढ़ेगा।

मकर राशि - सकारात्मक है पिछले कुछ समय से चल रहा संघर्ष कम होगा, बढ़ रहे धन खर्च में कमी आएगी और किये गए प्रयास सफल रहेंगे।

कुम्भ राशि - मध्यम है, करियर में अच्छे परिवर्तन होंगे पर अपने कार्यों की सफलता के लिए परिश्रम अधिक करना पड़ेगा।

मीन राशि - मानसिक तनाव बढ़ेगा, भाग्य में संघर्ष बढ़ेगा और कार्यों में अड़चने आएँगी अपने कार्यों की सफलता के लिए निरंतर प्रयास और अधिक परिश्रम करना होगा।

शनि के वक्री रहने से उत्पन्न संघर्ष से बचने के लिए ये उपाय करें -

1. ॐ शम शनैश्चराय नमः का जप करें

2. शनिवार संध्याकाल में पीपल पर सरसों के तेल का दिया जलाएं।

3. प्रत्येक शनिवार को साबुत उड़द गरीब व्यक्ति को दान करें।

4. प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें

5. अगर आपको ज्यादा समस्याएं आएं तो हर शनिवार की शाम सुंदरकांड का पाठ करना शुरूं कर दें।

।। श्री हनुमते नमः।।

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