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नव-संवत्सर 2076

नव सम्वत यानी भारत का वास्तविक नव वर्ष शरू होने जा रहा है.... भारतीय वैदिक गणना के अनुसार "चैत्र मास" के "शुक्ल पक्ष" की "प्रतिपदा" तिथि को नव-सम्वत अर्थात नये वर्ष का आरम्भ होता है जो अगले चैत्र मास की अमावश्या तक चलता है भारतीय सम्वत को "विक्रम सम्वत" के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि आज से 2076 वर्ष पूर्व सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन अपना राज्य स्थापित कर विक्रम सम्वत की शुरुआत की थी…… हम आपको इस नए विक्रम सम्वत 2076 के बारे में बताएं इससे पहले भारतीय नव सम्वत से जुडी कुछ और ख़ास बाते जानते हैं.... पौराणिक कथाओं के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के ही दिन ब्रह्मा जी ने इस सृष्टि की रचना की थी, त्रेता युग में इसी दिन भगवान श्री राम का राज्यभिषेक हुआ था, द्वापर युग में युधिष्ठिर का राज्यभिषेक भी इसी दिन हुआ था और इसी दिन भगवान् विष्णु का मतस्य अवतार भी हुआ था नव सम्वत के इसके अलावा एक बहुत ख़ास बात ये भी है के चैत्र शुल्क प्रतिपदा से ही चैत्र नवरात्र का भी आरम्भ होता है जिससे नवसम्वत के प्रथम दिन का महत्व बहुत बढ़ जाता है कुछ स्थानों पर इसे गुड़ी पड़वा के नाम से भी जाना जाता है…नव सम्वत (नव वर्ष) के दिन अपने घर और मन्दिरों पर नयी ध्वज लगाने की परंपरा है इसे विजय और समृद्धि देने वाला माना जाता है इसके अलावा इस दिन घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाकर रंगोली आदि भी बनायीं जाती है इस दिन घर और मन्दिरों में पूजा पाठ के साथ साथ घर में तुलसी पूजन अवश्य करना चाहिए तथा नव वर्ष पर गौ सेवा और गरीब व्यक्ति, कुष्ठाश्रम, वृद्धाश्रम आदि में श्रद्धानुसार दानादि देना चाहिए इस दिन ब्राह्मणों द्वारा पंचांग सुनकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है तथा भेंट स्वरुप उन्हें दक्षिणा भोजन आदि दिया जाता है।

भारत का नया साल अपने आप में जितनी विशेषताएं समाये हुए है वैसा विश्व की किसी संस्कृति में आपको नहीं मिलेगा सबसे पहले तो हिन्दू नव सम्वत का आरम्भ वसंत ऋतू में होता है जो सभी ऋतुओं में श्रेष्ठ मानी गयी है इस समय में प्रकृति में बहुत सकारात्मक ऊर्जा फैली होती है और वातावरण बहुत शुध्द होता है इसके अलावा बाकि नव नवर्ष के आरम्भ में ही शक्ति पूजा (नवरात्रि) हमें पूरे वर्ष भर के लिए ऊर्जान्वित करके शशक्त भी बनाती है यह भी हमारे नव वर्ष की एक विशेषता है और यह हमें साक्षात् देखने को भी मिलता है के विक्रम संवत के प्रथम दिन वातावरण में एक विशेष दिव्य ऊर्जा बिखरी होती है तो सनातन संस्कृति तो सकारात्मक ऊर्जा से भरी पड़ी है इसलिए हिन्दू नव सम्वत पर जो ऊर्जा वातावरण में होती है वैसा अन्य दिनों में आपको नहीं मिलेगा

इस बार विशेष - इस बार 6 अप्रैल 2019 को नव-सम्वत 2076 शुरू हो रहा है और इस बार के सम्वत का नाम "प्रमादी" है, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा शनिवार के सूर्योदय में होने से इस बार सम्वत 2076 का राजा शनि है और मेष की संक्रांति रविवार को हो रही है इसलिए इस बार सम्वत का मंत्री "सूर्य" है और इस बार प्रतिपदा तिथि का आरम्भ कर्क लग्न में हो रहा है तो इस बार वर्ष प्रवेश लग्न कर्क है। इस नए वर्ष में मुख्य ग्रहस्थिति देखें तो शनि का संचार धनु राशि में राहु मिथुन में केतु धनु राशि में और बृहस्पति का संचार अधिकांश समय वृचिक राशि में रहेगा

अब जानते हैं के कैसा रहेगा नव सम्वत 2076 – इस बार सम्वत का राजा शनि और मंत्री सूर्य है जो के ज्योतिषीय दृष्टि से एक दूसरे के विरोधी ग्रह हैं इसलिए ये सम्वत थोड़ा उठा पटक से भरा मिश्रित फल देने वाला तो होगा प्राकृतिक राजनैतिक सामाजिक सभी स्तरों पर उथल पुथल तो रहेगी पर बहुत सी सकारात्मक चीजें भी होंगी... इस नए सम्वत का राजा शनि है और शनि को ज्योतिष में तकनीक और तकनीकिन कार्यों का ग्रह माना गया है साथ ही आम जनता का प्रतिनिधित्व भी शनि के द्वार ही होता है इसलिए ये नया साल राष्ट्रिय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी विकास कराने वाला मशीनों और नयी तकनीकों को सामने लाने वाला होगा इस साल भारत में और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी काफी अच्छी टैक्निकल ग्रोथ होगी और नई नई तकनीकें सामने आएँगी, वर्ष का राजा शनि होने से टैक्निकल फील्ड में काम करने वाले सभी लोगों के लिए ये वर्ष कुछ न कुछ ख़ास अच्छे चेनजिस देने वाला होगा और उन्हें नयी अपार्चुनिटीज भी मिलेंगी, क्योंकि इस वर्ष राजा ही जनता के कारक शनि है इसलिए ये साल आम जनता के मुददों का समाधान करने वाला भी होगा और ज्योतिष में नौकरी का कारक भी शनि ही है इसलिए इस साल नौकरियों या रोजगारों में भी बढ़ोत्तरी होगी। मंत्री सूर्य का प्रभाव भी वर्ष पर रहेगा इसलिए जो लोग सरकारी सेवाओं में हैं उन्हें भी इस वर्ष अच्छे रिजल्ट्स मिलेंगे। इस नए सम्वत का वर्ष प्रवेश लग्न कर्क है जो के चन्द्रमाँ की राशि है इसलिए जो लोग टूर एन्ड ट्रेवलिंग से जुड़े बिजनेस में हैं, डेयरी प्रोडट्स और फ़ूड प्रोडक्ट्स के बिजनेस में हैं या पानी से जुड़ा कोई भी काम करते हैं उन सबके लिए भी ये नया वर्ष उन्नति देने वाला होगा… इस वर्ष के शुरूआती कुछ दिनों के लिए (22 अप्रैल तक) क्योंकि बृहस्पति का संचार अग्नि तत्व धनु राशि में रहेगा इसलिए कुछ समय के लिए बहुत तेजी से समान्य से ज्यादा गर्मी बढ़ेगी लेकिन 22 अप्रैल को बृहस्पति का प्रवेश जल तत्व वृश्चिक राशि में हो जायेगा इसलिए इस वर्ष समय समय पर पर्याप्त बारिश भी होती रहेगी l

अब अगर इस नए सम्वत की ग्रहस्थिति को भारत की कुंडली के अनुसार देखें तो विक्रम सम्वत 2076 भारत के लिए बहुत शुभ होगा इस वर्ष एक बहुत अच्छी बात ये होगी के बृहस्पति का गोचर वृश्चिक राशि में होने से भारत की कुंडली में तीसरे भाव में बने राजयोग पर बृहस्पति की शुभ दृष्टि पड़ेगी इसलिए इस नए वर्ष में भारत वर्ष का यश और ज्यादा बढ़ेगा भारत की उन्नति होगी तकनीकी आर्थिक और सैन्य बल सभी नजरियों से से साल भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छी बढ़ोत्तरी देने वाला होगा।

बारह राशियों के लोगों के लिए इस नए सम्वत में कुछ ख़ास टिप्स -

मेष राशि - अपने स्वास्थ का ध्यान जरूर रखें और ॐ बृम बृहस्पते नमः का रोज एक माल जाप करें।

वृष राशि - आपको भी अपनी हैल्थ को लेकर बहुत कॉन्शियस रहना है ॐ शम शनैश्चराय नमः का रोज जाप करें और
कुत्तों को रोज भोजन दें सभ अच्छा होगा।

मिथुन राशि - मैरिटल आर्ग्युमेंट्स को बिलकुल ना बढ़ायें वरना दिक्कते बढ़ेंगी हर शनिवार को साबुत उड़द दान करते रहें।

कर्क राशि - व्यर्थ के धन खर्च से बचें और सभी आर्थिक लेनदेन सावधानी से करें पक्षियों और कुत्तों को रोज भोजन दें।

सिंह राशि - अपने बच्चों के साथ आर्ग्युमेंट्स को न बढ़ने दें वरना दिक्कते बढ़ेंगी रोज आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

कन्या राशि - गृह क्लेश और पारिवारिक झगड़ों से बचें और घर में अपने बिहेवियर को अच्छा रखें हर महीने में एक बाद सतनाजा दान जरूर करें।

तुला राशि - अगर आपके कार्यों में थोड़ी रुकावटें आएं तो घबराये ना प्रयास करते रहें सफलता मिल जाएगी हर शनिवार को साबुत उड़द का दान करते रहें।

वृश्चिक राशि - अपने स्वास्थ का ख़ास ध्यान रखें और व्यर्थ के धन खर्च से बचें हर शनिवार की शाम पीपल पर सरसों तेल का दिया जलाएं।

धनु राशि - ओवर थिंकिंग और नकारात्मक विचारों से बचें हनुमान चालीसा और संकट मोचन का रोज पाठ करते रहें।

मकर राशि - इस वर्ष कोई भी बड़ी फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट ना करें ॐ शम शनैश्चराय नमः का रोज जाप करें और कुत्तों को भोजन दें।

कुम्भ राशि - मानसिक तनाव से बचें और मैरिटल आर्ग्युमेंट्स को अवॉयड करें हर शनिवार की शाम पीपल पर सरसों तेल का दिया जलाएं।

मीन राशि - परिवार में किसी तरह के झगड़ों को ना बढ़ने दें और रोज पक्षियों को भोजन दें।

।। श्री हनुमते नमः।।

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