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वैभव लक्ष्मी व्रत

जिस प्रकार माँ लक्ष्मी की कृपा से ही इस पूरी सृष्टि का सञ्चालन होता है उसी तरह हर एक व्यक्ति के जीवन में आर्थिक दृढ़ता और धन समृद्धि भी माँ लक्ष्मी की कृपा से ही आती है और जिस व्यक्ति पर माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा हो जाए उसका जीवन हमेशा धन धान्य से समृद्ध होता है...वैसे तो माँ लक्ष्मी की उपासना और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए बहुत से मंत्र और स्तोत्र आदि प्रचलित हैं पर आज हम यहाँ बात कर रहे हैं "श्री वैभव लक्ष्मी व्रत" की जो अत्यंत प्रभावशाली और बहुत शीघ्र परिणाम देने वाला तो है ही पर साथ ही बहुत सरल भी है जिसे जिसे हर कोई सरलता से कर सकता है और माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त कर सकता है।

माँ लक्ष्मी के आठ स्वरूपों (अष्ट लक्ष्मी) में से प्रथम स्वरुप है धन लक्ष्मी और इन्हे ही वैभव लक्ष्मी भी कहा जाता है और माँ वैभव लक्ष्मी के निमित्त जो व्रत किया जाता है उसे ही वैभव लक्ष्मी व्रत हैं जिसे श्रद्धा से नियमपूर्वक करने पर व्यक्ति पर माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है

वैभव लक्ष्मी व्रत के विशेष लाभ - जो लोग श्रद्धपूर्वक नियम से ये व्रत संपन्न करते हैं उनपर माँ लक्ष्मी की विशेषतम कृपा होती है, घर में धन धान्य की वृद्धि होती है जीवन में वैभव आता है और सर्व समृद्धि की प्राप्ति होती है...जो लोग हमेशा आर्थिक समस्याओं से घिरे रहते हैं या जीवन में आर्थिक विकास नहीं हो पाता या फिर आपके जीवन में कोई आर्थिक संकट आया हो ऐसे सभी लोगों को ये व्रत अवश्य करना चाहिए इससे आपके जीवन की दरिद्रता का नाश होता है और माँ लक्ष्मी की कृपा से आपकी आर्थिक स्थिति दृढ होती है और जीवन में विशेष समृद्धि की प्राप्ति होती है। घर में स्त्रियां तो इस व्रत को कर ही सकती हैं पर पुरुष भी इस व्रत को कर सकते हैं इसमें कोई बाध्यता नहीं है एक घर में पति पत्नी दोनों एक साथ भी यदि ये व्रत करें तो माँ लक्ष्मी की कृपा से घर में समृद्धि बढ़ने लगती है।

वैभव लक्ष्मी व्रत की विधि - वैभव लक्ष्मी का व्रत शुक्रवार के दिन किया जाता है इसे स्त्री और पुरुष दोनों ही कर सकते हैं, जब आप ये व्रत करना शुरू करें तो माँ लक्ष्मी से प्रार्थना करें के माँ आज से हम आपका व्रत आरम्भ कर रहे आप हम पर कृपा करें, इस व्रत को एक निश्चित संख्या जैसे 11 शुक्रवार या 21 शुक्रवार इस तरह भी किया जा सकता है और बिना संख्या के लगातार भी किया जा सकता है पर आपने अगर मन में कुछ संख्या का संकल्प लेकर ये व्रत आरम्भ किया हो तो व्रत की संख्या पूरा होने पर इस व्रत का विधिपूर्वक उद्यापन अवश्य करें और बिना सख्या के आप कर रहे हैं तो भी व्रत को रोकने से पहले एक बहार उद्यापन अवश्य करना चाहिए...

वैभव लक्ष्मी का व्रत सरल तरीके से ही करना होता है इसके लिए आपके पास आपके पूजा स्थल में माँ लक्ष्मी का एक चित्र श्री यन्त्र स्फटिक या कमल गट्टे की माला और वैभवलक्ष्मी व्रत कथा की पुस्तक होनी चाहिए, शुक्रवार के दिन प्रातःकाल उठकर स्नान आदि के बाद अपने पूजा स्थल में धूप दीप जलाकर माँ लक्ष्मी और श्री यन्त्र पर ध्यान लगाते हुए इस मंत्र की एक माला जाप करें (मंत्र - ॐ श्रीम श्रीये नमः) और मन में व्रत का संकल्प करते हुए माँ लक्ष्मी को प्रणाम करें इसके बाद दिन में आप फल इत्यादि का सेवन कर सकते हैं और फिर शाम को सूर्यस्त के बाद पूजास्थल में बैठकर उपरोक्त मंत्र का एक माला जाप करें और फिर वैभव लक्ष्मी व्रत की कथा का पाठ करें और माँ लक्ष्मी को सफ़ेद मिष्ठान का भोग लगाएं, व्रत का पारायण करें व्रत के परायण के बाद यदि आपके लिए संभव हो तो मीठा भोजन ही खाएं और ऐसा न कर पाएं तो घर में बना सात्विक नमक सहित भोजन भी ले सकते हैं इस प्रकार हर शुक्रवार को ये व्रत पूरा करें। इस व्रत का परिणाम बहुत ही शीघ्र आपको दिखने लगता है पर इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात ये होती है के आप कितनी श्रद्धा के साथ ये व्रत कर रहे हैं उतने ही जल्दी परिणाम आपको दिखाई देने लगते हैं और माँ लक्ष्मी की कृपा से आपके जीवन में समृद्धि आने लगती है।

।। श्री हनुमते नमः।।

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