Article of the Month - Astroindusoot

Astro Articles

आपकी कुंडली के ये ग्रहयोग कराते हैं शादी में देरी

ज्योतिष में जैसे आपके जीवन की हर एक चीज को ग्रह कंट्रोल करते हैं वैसे ही हमारी कुंडली का सातवा भाव और सप्तमेश ग्रह (सातवे भाव का स्वामी) आपकी मैरिज को कंट्रोल करता है, इसके अलावा पुरुषों के लिए शुक्र और स्त्रियों के लिए मंगल व बृहस्पति ये भी मैरिज और मैरिड लाईफ दोनों को कंट्रोल करते हैं.. तो अब जैस हम बहुतसे लोगों के साथ देखते हैं के शादी के लिए सही उम्र होने पर भी शादी नहीं हो पाती या अच्छा आचरण व्यव्हार और अच्छी पर्सनेलिटी होने पर भी व्यक्ति की शादी होने में बहुत देर होती चली जाती है... और ऐसा असल में तभी होता है जब किसी व्यक्ति (स्त्री / पुरुष) की कुंडली में सातवा भाव सप्तमेश या विवाह कारक ग्रह कमजोर या पीड़ित हों तो आईये देखते हैं कुछ ऐसे योग जो व्यक्ति शादी होने में अड़चन बढाकर विवाह विलम्ब योग बनाते हैं

1. यदि कुंडली के सप्तम भाव में कोई पाप योग (गुरु-चांडाल योग, ग्रहण योग अंगारक योग आदि) बना हुआ हो तो विवाह होने में बाधाएं आने से विलम्ब से विवाह योग बनता है।

2. यदि सप्तम भाव में कोई पाप ग्रह नीच राशि में बैठा हो तो विवाह में विलम्ब होता है।

3. यदि शनि सप्तम भाव में स्थित हो या सप्तम भाव पर शनि की दृष्टि हो तो विवाह विलम्ब से ही होता है।

4. यदि सप्तम भाव के आगे और पीछे दोनों और और पाप ग्रह हो तो यह भी विवाह में विलम्ब कराता है।

5. सप्तमेश का पाप भाव (6,8,12) में बैठना या नीच राशि में होना भी विवाह में विलम्ब का कारण बनता है।

6. पुरुष की कुंडली में शुक्र नीच राशि (कन्या) में हो, केतु के साथ हो, सूर्य से अस्त हो, अष्टम भाव में हो या अन्य किसी प्रकार पीड़ित हो तो विवाह में विलम्ब होता है।

7. स्त्री की कुंडली में मंगल नीच राशि (कर्क) में हो, राहु शनि से पीड़ित हो बृहस्पति नीचस्थ हो राहु से पीड़ित हो तो विवाह में विलम्ब होता है।

8. पाप भाव (6,8,12) के स्वामी यदि सप्तम भाव में हो तो भी विवाह में विलम्ब और बाधाएं आती हैं।

9. सप्तम में केतु या शत्रु राशि में बैठा सूर्य भी विवाह में विलम्ब कराता है।

अगर आपकी शादी में भी देर हो रही है या अड़चने आ रही हैं तो ये कुछ ज्योतिषीय उपाय आपके लिए बहुत सहायक होंगे –

1. अपने सप्तमेश ग्रह के मंत्र का जाप करें।

2. यदि सप्तम भाव में कोई पाप योग हो या पाप ग्रह हो तो उसका दान करें।

3. पुरुष जातक शुक्र मंत्र - ॐ शुम शुक्राय नमः का नियमित जाप करें।

4. स्त्री जातक - ॐ अंग अंगरकाय नमः का जाप करें।

5. पुरुष जातक प्रत्येक शुक्रवार को गाय को चावल की खीर खिलाएं।

6. स्त्री जातक प्रत्येक मंगल और गुरूवार को गाय को गुड खिलाएं।

।। श्री हनुमते नमः।।

अगर आप अपने जीवन से जुडी किसी भी समस्या किसी भी प्रश्न जैसे – हैल्थ, एज्युकेशन, करियर, जॉब मैरिज, बिजनेस आदि का सटीक ज्योतिषीय विश्लेषण और समाधान लेना चाहते हैं तो हमारी वैबसाईट पर Online Consultation के ऑप्शन से ऑनलाइन कंसल्टेशन लेकर अपनी समस्या और प्रश्नो का घर बैठे समाधान पा सकते हैं अभी प्लेस करें अपना आर्डर कंसल्ट करें ऑनलाइन Customer Care & WhatsApp - 9068311666


ASTRO ARTICLES