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कुंडली में बुध-बृहस्पति योग के शुभ फल

फलित ज्योतिष में बुध और बृहस्पति दोनों ही बड़ा विशेष महत्व रखने वाले ग्रह हैं जो हमारे जीवन के बहुत विशेष घटकों को नियंत्रित करते हैं, फलित ज्योतिष में वैसे तो जन्मकुंडली में बनने वाले ऐसे बहुत से ग्रहयोगो का वर्णन आता है जिनमे व्यक्ति को अच्छी बुद्धिमत्ता प्राप्त होती है पर इनमे भी बुध और बृहस्पति का एक साथ होना बड़ा श्रेष्ठ योग होता है, बुध और बृहस्पति वैसे तो हमारे जीवन के बहुत से घटकों को नियंत्रित करते हैं और हमारे जीवन यापन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं पर इसमें भी विशेष रूप से जो दो सर्वाधिक विशेष घटक बुध और बृहस्पति से नियंत्रित होते हैं वो हैं बुद्धि और ज्ञान, ज्योतिष में "बुध को बुद्धि" का कारक माना गया है और "बृहस्पति को ज्ञान" का कारक माना गया है जन्मकुण्डली में बुध या बृहस्पति का बली या मजबूत होना बहुत ही शुभ होता है पर यदि इन दोनों ग्रहों का योग हो जाए तो यह योग व्यक्ति में विलक्षण प्रतिभाओं का उदय करता है।

बुध बुद्धि का कारक होता है और बृहस्पति ज्ञान का कारक होता है इसलिए कुंडली में बुध और बृहस्पति का एक साथ होना एक प्रकार से "बुद्धि और ज्ञान का योग" होता है यदि कुंडली में बुध बृहस्पति का योग हो तो और शुभ स्थिति में बन रहा हो तो ऐसे में व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता समान्य से कहीं अधिक होती है ऐसे व्यक्ति तीव्र बुद्धि तो होता ही है साथ ही ज्ञानवान और विवेकशील भी होता है बुध बृहस्पति का योग व्यक्ति को अच्छी बौद्धिक क्षमता के साथ साथ अपनी बुद्धि को अच्छे से प्रयोग करने की क्षमता भी देता है क्योंकि इस योग में बुध से मिलने वाली बुद्धि पर बृहस्पति से मिलने वाले ज्ञान और विवेक का नियंत्रण होता है जिससे व्यक्ति अपनी बुद्धि का अच्छे कार्यों में प्रयोग कर पाता है , कुंडली में बुध बृहस्पति का योग होने से व्यक्ति की कैचिंग पावर बहुत अच्छी होती है ऐसा व्यक्ति बहुत जल्दी किसी भी बात को गहराई से समझ लेता है ऐसा व्यक्ति गहन अध्यन और अनुसंधानात्मक प्रवर्ति का होता है अर्थात हर बात को मूल तक जाकर देखता है, बुध बृहस्पति का योग व्यक्ति को गणनात्मक और रिसर्च के कार्यों में हमेशा आगे रखता है और दूरद्रष्टा बनाता है और अपनी विलक्षण बुद्धिक्षमता के कारण ऐसा व्यक्ति शिक्षा में श्रेष्ठ स्थिति प्राप्त करता है, बुध बृहस्पति का योग व्यक्ति को उसके बुद्धि और ज्ञान बल से बहुत उन्नति दिलाता है ऐसे व्यक्ति की इंट्यूशन पावर भी बहुत अच्छी होती है घटना घटने से पहले ही कुछ ना कुछ आभास ऐसे व्यक्ति को हो जाता है, गणित, वाणिज्य और रिसर्च के कार्यों से जुड़े लोगों की कुंडली में इस योग का बनना बहुत शुभ होता है। ......... बुध और बृहस्पति का योग यदि केंद्र (1,4,7,10वा भाव) या त्रिकोण (1,5,9 वा भाव) में बने तो अधिक उत्तम फल करता है इसके अलावा मिथुन, कन्या और धनु राशि में इस योग का बनना भी बहुत श्रेष्ठ होता है जिन बच्चों की कुंडली में बुध बृहस्पति का योग होता है वे बचपन से ही बड़े प्रतिभावान होते हैं शिक्षा में श्रेष्ठ स्थिति प्राप्त करते हैं।

।।श्री हनुमते नमः।।

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